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Saturday, February 12, 2011

0. इन्द्रस्य गज: ऐरावत:
 

१. सीताया: पुत्र: द्वयं - लव: च कुश:
 

२. (प्रकाश: वदति) एष: क:?

    (गीता वदितवति) एष: महेश:

    (प्रकाश: वदति) महेश: विद्यार्थि वा?

    (गीता वदितवति) आम, महेश: विद्यार्थि अस्ति
 

३. का रोहिणी?

    पश्यतु - सा रोहिणी

    रोहिणी शिक्षिका  वा?

   न रोहिणी शिक्षिका न, सा वैद्या
 

४. देवदत्त: द्विचक्रिकाउपरि शालायां गच्छति

 

सुभाषितं


 

नमस्ते शारदे देवी कश्मिरपुरवासिनि|

त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे|

 

सुभाषितस्य अर्थ: अस्ति -


कश्मीर मध्ये शारदा (इत्युक्ते सरस्वती) देवी वसति - तस्या प्रति अहं
प्रतिदिनं नित्य रूपेण नमामि च प्रार्थना करोमि - मम विद्या दानं कृपया ददातु
इति
 

 
 

 

 
 

 

 

 

 
 

posted by anmol  # 7:24 PM

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